ऑयल पाम की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
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मुंगेली – छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
अतिरिक्त अनुदान के साथ खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
मुंगेली | ACGN :- खाद्य तेलों में देश को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय में दीर्घकालीन व स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयल पाम योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के तहत ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न मदों में अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान दिया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिल सके।
सहायक संचालक उद्यानिकी भगवती साहू ने बताया कि ऑयल पाम की खेती में शुरुआती लागत अधिक होती है और फसल को उत्पादन में आने में 3 से 4 वर्ष का समय लगता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने विशेष सहायता का प्रावधान किया है। केंद्र सरकार द्वारा प्रति हेक्टेयर न्यूनतम 1.30 लाख रुपये के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन किसानों को अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान प्रदान कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस लाभकारी फसल की ओर आकर्षित हो सकें।
उन्होंने बताया कि ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और अधिक उत्पादन देने वाली फसल है। इसमें रोग लगने की संभावना बहुत कम होती है। एक बार रोपण के बाद चौथे वर्ष से उत्पादन शुरू हो जाता है और यह फसल 25 से 30 वर्षों तक लगातार उपज देती है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे किसानों को स्थायी और सुनिश्चित आय प्राप्त होती है।
राज्य शासन द्वारा ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को विभिन्न मदों में अतिरिक्त अनुदान भी दिया जा रहा है। रखरखाव मद में पहले निर्धारित 5 हजार 250 रुपये प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर 6 हजार 750 रुपये किया गया है। अंतरवर्तीय फसलों के लिए कुल 10 हजार 250 रुपये प्रति हेक्टेयर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने पर अतिरिक्त सहायता सहित कुल 22 हजार 765 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा पौधों और अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से बचाने के लिए फेंसिंग हेतु 54 हजार 485 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जा रहा है। इस प्रकार राज्य शासन द्वारा कुल 69 हजार 620 रुपये तक का अतिरिक्त अनुदान किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
यह अनुदान केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे। योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों या अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। ऑयल पाम की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएगी, बल्कि देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी साकार करेगी।
प्रदीप मिश्रा
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समाचार क्रमांक – 11-26
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