बस्तर की सड़कों पर बड़ा एक्शन! लापरवाही पर इंजीनियरों पर गिरेगी गाज, छह महीने में काम पूरा करने का अल्टीमेटम
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
नक्सलवाद से मुक्त हुए बस्तर के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता। हर पात्र गांव और बसाहट तक सड़क पहुंचाने के लिए शत-प्रतिशत सर्वे के निर्देश। कवर्धा के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता पर कार्रवाई और बलरामपुर के उप अभियंता को निलंबित करने के निर्देश।
रायपुर ACGN:- वर्षों तक नक्सलवाद और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर रहे बस्तर के गांवों तक अब सड़क पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। शासन ने साफ कर दिया है कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में सड़क निर्माण अब प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए बस्तर संभाग के सभी क्षेत्रों का शत-प्रतिशत सर्वे कर हर पात्र गांव और बसाहट को सड़क संपर्क से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं निर्माण कार्यों में लापरवाही और देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत भी साफ नजर आए हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव तथा छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (सीजीआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भीम सिंह ने 30 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित विकास भवन में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (एमएमजीएसवाई) के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने योजनावार और जिलावार प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता, समय-सीमा, सड़कों के संधारण और लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की।

छह महीने में पीएमजीएसवाई-1 के बचे काम पूरे करने का लक्ष्य
समीक्षा के दौरान सचिव भीम सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के अंतर्गत शेष सभी निर्माण कार्य आगामी छह महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि अब तक मिली उपलब्धि को बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष ध्यान देना होगा।
बस्तर में कोई पात्र गांव सड़क से वंचित न रहे
बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क को लेकर सचिव ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने का अवसर मिला है। इस अवसर का लाभ वहां रहने वाली जनता तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से जिलेवार सड़क निर्माण की जानकारी लेते हुए स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। जिन गांवों और बसाहटों तक अभी सड़क नहीं पहुंची है, उनका व्यापक सर्वे कराया जाए। कोई भी पात्र गांव या बसाहट सड़क संपर्क से वंचित नहीं रहना चाहिए। नक्सलवाद प्रभावित रहे क्षेत्रों में विशेष केंद्रीय सहायता (एससीए) योजना के तहत स्वीकृत सड़कों को भी जल्द पूरा करने को कहा गया।
पीएम जनमन में मार्च 2027 तक 828 किलोमीटर सड़क का लक्ष्य
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संचालित प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) की भी समीक्षा की गई। सचिव ने मार्च 2027 तक इस योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 828 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्वीकृत कार्यों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर तय समय से पहले निर्माण पूरा कराया जाए। इसके साथ ही पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा गया।

लापरवाही पर कार्रवाई, उप अभियंता को निलंबित करने के निर्देश
सड़क निर्माण में देरी और लापरवाही को लेकर बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। कवर्धा जिले में निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति के मामले में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं बलरामपुर जिले के राजपुर में सड़क निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में लापरवाही के मामले में संबंधित उप अभियंता को निलंबित करने और पूरे प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए गए।
सचिव ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। केवल योजनाओं की स्वीकृति पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समय पर और गुणवत्तापूर्ण पूरा होना भी जरूरी है।
भारी वाहनों पर नजर रखने सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी ग्रामीण सड़कों को भारी वाहनों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए भी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। सड़कों पर बड़े पोस्टर और बैनर लगाकर निर्धारित भार क्षमता और भारी वाहनों के आवागमन संबंधी प्रतिबंधों की जानकारी आम लोगों को दी जाएगी। आगामी समय में इन मार्गों पर भारी वाहनों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।
बिटुमिन की कमी से नहीं रुकना चाहिए निर्माण
सड़क निर्माण में बिटुमिन की संभावित कमी को देखते हुए सचिव ने ठेकेदारों को आवश्यक कच्ची सामग्री की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री की अनुपलब्धता के कारण किसी भी परियोजना का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग के लंबित कार्य संबंधित विभागों से समन्वय कर जल्द पूरे कराने और पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत संबंधित सड़कों को जोड़ने की कार्रवाई करने को कहा गया।
सड़क निर्माण में प्लास्टिक के उपयोग से महिला समूहों को मिलेगा अवसर
सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। अनुपयोगी प्लास्टिक के संग्रहण और उठाव के काम में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इससे प्लास्टिक कचरे का उपयोग बढ़ने के साथ महिला समूहों के लिए आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो सकेंगे।
संधारण, भुगतान और लंबित पेंशन प्रकरणों पर भी निर्देश
सचिव ने निर्माण कार्य पूरे होने के बाद संबंधित लंबित भुगतानों का शीघ्र निराकरण करने और सड़कों का संधारण निर्धारित मानकों के अनुसार कराने को कहा। गौरव पथ निर्माण के दौरान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपयोगी सेवाओं के लिए डक्ट का प्रावधान अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए, ताकि पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बार-बार सड़क की खुदाई न करनी पड़े।
इसके साथ ही विभाग में लंबित पेंशन प्रकरणों का समय पर निराकरण करने और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में प्रमुख अभियंता के.के. कटारे, राज्य गुणवत्ता समन्वयक अमित गुलहरे, मुख्य अभियंता एमएमजीएसवाई वरुण राजपूत, मुख्य अभियंता संधारण नवीन मेहता सहित सभी सर्कल के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अब बस्तर के दूरस्थ गांवों तक सड़क पहुंचाने की इस मुहिम की असली परीक्षा तय समय-सीमा में निर्माण पूरा होने और गुणवत्ता बरकरार रहने से होगी। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद निगरानी और जवाबदेही कितनी प्रभावी होती है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।
प्रदीप मिश्रा
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