नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , 18 कैरेट को 22 कैरेट बताकर खेल रहे थे धोखाधड़ी का खेल, चार आरोपी गिरफ्तार – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

18 कैरेट को 22 कैरेट बताकर खेल रहे थे धोखाधड़ी का खेल, चार आरोपी गिरफ्तार

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009

कम शुद्धता वाले सोने को 22 कैरेट बताकर लोगों को बेचने और गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर ऋण लेने वाले गिरोह का कोरबा पुलिस ने किया पर्दाफाश। 45 हजार रुपये की ठगी से खुला मामला, सोने के आभूषण, नकदी, डिजिटल तौल मशीन और कार जब्त।

कोरबा ACGN:- सोने की शुद्धता के नाम पर लोगों की जेब पर डाका डालने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का कोरबा पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य 18 और 20 कैरेट शुद्धता वाले सोने के आभूषणों को 22 कैरेट का बताकर लोगों को बेचते थे। इसके अलावा इन्हीं आभूषणों को गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर ऋण प्राप्त करने का काम भी करते थे। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मामले की शुरुआत एक लॉकेट की खरीद-बिक्री से हुई। थाना सिविल लाइन रामपुर में संजय श्रीवास, निवासी ग्राम कोरबी धतुरा, थाना हरदीबाजार, जिला कोरबा ने शिकायत दर्ज कराई कि गांव के इंद्रेश साहू ने उसे 3.75 ग्राम वजन का सोने का लॉकेट 22 कैरेट का बताकर बेचने की बात कही थी। लॉकेट की कीमत लगभग 49 से 50 हजार रुपये बताई गई और सौदा 45 हजार रुपये में तय हुआ।
दिनांक 28 अक्टूबर 2026 को इंद्रेश साहू अपने साथियों के साथ सफेद रंग की कार से घंटाघर कोरबा के पास पहुंचा और संजय श्रीवास से 45 हजार रुपये लेकर लॉकेट दे दिया। बाद में प्रार्थी ने लॉकेट की जांच दिव्य ज्वेलर्स में कराई, जहां पता चला कि लॉकेट 22 कैरेट का नहीं, बल्कि 18 कैरेट सोने का है। इस तरह सोने की वास्तविक शुद्धता छिपाकर अधिक कीमत वसूलने का मामला सामने आया।
शिकायत मिलते ही थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 908/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 3(5) के अंतर्गत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने प्रार्थी से प्राप्त 3.75 ग्राम वजन के लॉकेट को गवाहों की मौजूदगी में जब्त किया और उसकी निशानदेही पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी इंद्रेश कुमार साहू को उसके तीन अन्य साथियों के साथ घटना में इस्तेमाल की गई हुंडई आई-10 कार सहित पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्यों के बीच आपसी संपर्क और समन्वय था। वे सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री, आपूर्ति और अलग-अलग गोल्ड लोन संस्थाओं में उन्हें गिरवी रखने का काम करते थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी 18 या 20 कैरेट शुद्धता वाले आभूषणों को 22 कैरेट का बताकर बेचते थे। इसके साथ ही विभिन्न गोल्ड लोन कंपनियों में आभूषण गिरवी रखकर ऋण प्राप्त करते और उससे होने वाले आर्थिक लाभ का आपस में बंटवारा करते थे। विवेचना में मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक, आईएफएल सहित अन्य वित्तीय संस्थाओं में आभूषण गिरवी रखने और ऋण लेने से संबंधित तथ्य भी सामने आए हैं। हालांकि, इन सभी लेन-देन और आभूषणों की वास्तविक शुद्धता की जांच अभी जारी है।
                  पुलिस ने क्या-क्या किया जब्त?
दिनांक 29 अक्टूबर 2026 को आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग सामग्री जब्त की। इंद्रेश कुमार साहू से 2,100 रुपये नकद और 40 हजार रुपये की एसबीआई एटीएम डिपॉजिट पर्ची बरामद की गई। लिलेश्वर सिन्हा से एक हजार रुपये नकद जब्त किए गए। मनीष देवांगन से घटना में प्रयुक्त हुंडई आई-10 कार क्रमांक CG05AE-8013 जब्त की गई।
वहीं आशीष गर्ग उर्फ आशु से दो सोने के लॉकेट, जिनका कुल वजन 7.89 ग्राम है, दो जोड़ी सोने की झुमकी वजन 13.40 ग्राम (20 कैरेट), दो लेडिस अंगूठियां वजन 6.54 ग्राम (20 कैरेट), एक जेंट्स सोने की अंगूठी वजन 3.80 ग्राम तथा एक बैटरी से चलने वाली ग्रे रंग की मिनी डिजिटल तौल मशीन जब्त की गई।
चार राज्यों तक फैले संपर्क की जांच, दिल्ली तक पहुंचा मामला
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम, उम्र 31 वर्ष, निवासी कोरबी धतुरा, जिला कोरबा; लिलेश्वर सिन्हा, उम्र 52 वर्ष, निवासी पार्वती नगर, गुढ़ियारी, जिला रायपुर; मनीष देवांगन उर्फ राहुल, उम्र 47 वर्ष, निवासी सुंदरनगर, डीडी नगर, जिला रायपुर तथा आशीष गर्ग उर्फ आशु, उम्र 29 वर्ष, वर्तमान निवासी गौतम कॉलोनी, नरेला, नार्थ वेस्ट दिल्ली शामिल हैं।


पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को 29 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। न्यायालय के आदेशानुसार सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
फिलहाल पुलिस सोने के आभूषणों के वास्तविक स्रोत, हॉलमार्क की सत्यता, गोल्ड लोन कंपनियों में हुए लेन-देन और इस पूरे मामले में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित गिरोह के नेटवर्क और धोखाधड़ी के तरीके से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।


प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
अपने क्षेत्र की आवाज बनने के लिए जुड़े हमारे साथ। छत्तीसगढ़ के सभी जिले, तहसील एवं ब्लॉक में प्रतिनिधि नियुक्त किए जा रहे हैं।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now